अकबरी लोटा

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Question
CBSEENHN8000994

निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
हफ़्ते का अंतिम दिन। कल ढाई सौ रुपये या तो गिन देना है या सारी हेंकड़ी से हाथ धोना है। यह सच है कि कल रुपया न आने पर उनकी स्त्री उन्हें डामलफाँसी न कर देगी-केवल जरा-सा हँस देगी। पर वह कैसी हँसी होगी, कल्पना मात्र से झाऊलाल में मरोड़ पैदा हो जाती थी।

झाऊलाल की मानसिक स्थिति क्या थी?
  • बहुत परेशान
  • दिमाग केवल ढाई सौ रुपए के बारे में सोच रहा था
  • रुपयों का प्रबंध न कर पाने की कल्पना मात्र से सिहर उठना
  • दिए गए सभी

Solution

D.

दिए गए सभी

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Some More Questions From अकबरी लोटा Chapter

आपके विचार से अंग्रेज़ ने यह पुराना लोटा क्यों खरीद लिया? आपस में चर्चा करके वास्तविक कारण की खोज कीजिए और लिखिए।

“इस भेद को मेरे सिवाए मेरा ईश्वर ही जानता है। आप उसी से पूछ लीजिए। मैं नहीं बताऊँगा।”
बिलवासी जी ने यह बात किससे और क्यों कही? लिखिए।

“उस दिन रात्रि में बिलवासी जी को देर तक नींद नहीं आई।”
समस्या झाऊलाल की थी और नींद बिलवासी की उड़ी तो क्यों? लिखिए।

“लेकिन मुझे इसी जिंदगी में चाहिए।”
“अजी इसी सप्ताह में ले लेना।”
“सप्ताह से आपका तात्पर्य सात दिन से है या सात वर्ष से?”
झाऊलाल और उनकी पत्नी के बीच की इस बातचीत से क्या पता चलता है? लिखिए।

अंग्रेज़ लोटा न खरीदता?

यदि अंग्रेज़ पुलिस को बुला लेता?

जब बिलवासी अपनी पत्नी के गले से चाबी निकाल रहे थे, तभी उनकी पत्नी जाग जाती?

“अपने वेग में उल्का को लजाता हुआ वह आँखों से ओझल हो गया।”
उल्का क्या होती है? उल्का और ग्रहों में कौन-कौन सी समानताएँ और अंतर होते हैं?

“इस कहानी में आपने दो चीज़ों के बारे में मजेदार कहानियाँ पढ़ी - अकबरी लोटे की कहानी और जहाँगीरी अंडे की कहानी।”
आपके विचार से ये कहानियाँ सच्ची हैं या काल्पनिक?

अपने घर या कक्षा की किसी पुरानी चीज़ के बारे में ऐसी ही कोई मजेदार कहानी बनाइए।