क्या निराश हुआ जाए

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Question
CBSEENHN8000708

निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
दोषों का पर्दाफ़ाश करना बुरी बात नहीं है। बुराई यह मालूम होती है कि किसी के आचरण के गलत पक्ष को उद्घाटित करके उसमें रस लिया जाता है और दोषोद्घाटन को एकमात्र कर्तव्य मान लिया जाता है। बुराई में रस लेना बुरी बात है, अच्छाई में उतना ही रस लेकर उजागर करना और भी बुरी बात है। सैकड़ों घटनाएँ ऐसी घटती हैं जिन्हें उजागर करने से लोक-चित्त में अच्छाई के प्रति अच्छी भावना जगती है।
दोषों का पर्दाफ़ाश करना बुरी बात क्यों नहीं है?

  • दोषों का पर्दाफ़ाश करने से समाज सब जान सकता है।
  • जिसका दोष हो उसे दंडित किया जा सकता है।
  • क्योंकि दोषों का पर्दाफ़ाश करके ही स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सकती है।
  • दोषों के पर्दाफ़ाश से लोगों को लज्जित किया जा सकता है।

Solution

C.

क्योंकि दोषों का पर्दाफ़ाश करके ही स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सकती है।  

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“हमारे महान मनीषियों के सपनों का भारत है और रहेगा।” आपके विचार से हमारे महान विद्वानों ने किस तरह के भारत के सपने देखे थे? लिखिए।

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दो शब्दों के मिलने से समास बनता है। समास का एक प्रकार है-द्वंद्व समास। इसमें दोनों शब्द प्रधान होते हैं। जब दोनों भाग प्रधान होंगे तो एक-दूसरे में द्वंद्व (स्पर्धा, होड़) की संभावना होती है। कोई किसी से पीछे रहना नहीं चाहता, जैसे-चरम और परम = चरम-परम, भीरु और बेबस = भीरू-बेबस। दिन और रात = दिन-रात।
‘और’ के साथ आए शब्दों के जोड़े को ‘और’ हटाकर (-) योजक चिह्न भी लगाया जाता है। कभी-कभी एक साथ भी लिखा जाता है। द्वंद्व समास के बारह उदाहरण ढूँढ़कर लिखिए।

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