Good Morning
09:29 am

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Vasant Bhag 3 Chapter 12 सुदामा चरित
  • NCERT Solution For Class 8 Hindi Vasant Bhag 3

    सुदामा चरित Here is the CBSE Hindi Chapter 12 for Class 8 students. Summary and detailed explanation of the lesson, including the definitions of difficult words. All of the exercises and questions and answers from the lesson's back end have been completed. NCERT Solutions for Class 8 Hindi सुदामा चरित Chapter 12 NCERT Solutions for Class 8 Hindi सुदामा चरित Chapter 12 The following is a summary in Hindi and English for the academic year 2023-24. You can save these solutions to your computer or use the Class 8 Hindi.

    Question 1
    CBSEENHN8000837

    सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्ण की क्या मनोदशा हुई? अपने शब्दों में लिखिए। 

    Solution
    सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्ण व्यथित हो गए और दूसरीं पर करुणा करने वाले दीनदयाल स्वयं रो पड़े।
    Question 40
    CBSEENHN8000876

    नीचे लिखे काव्यांशों को पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    कछु भाभी हमको दियो, सो तुम काहे न देत।
    चाँपि पोटरी काँख में, रहे कहो केहि हेतु।।

    आगे चना गुरुमातु दए ते, लए तुम चाबि हमें नहिं दीने।
    स्याम कह्यो मुसकाय सुदामा सों, “चोरी की बान में ही जू प्रवीने।।
    पोटरि काँख में चाँपि रहे तुम, खोलत नाहिं सुधा रस भीने।
    पाछिलि बानि अजाै न तजो तुम, तैसई भाभी के तंदुल कीन्हे।।”

    गुरुमाता द्वारा चने दिए जाने का प्रसंग क्या है?

    • जब श्रीकृष्ण और सुदामा गुरुकुल में पढ़ते थे तो उन्हें गुरुमाता ने चने दिए जंगल में लकड़ी तोड़ते समय खाने हेतु।
    • कृष्ण की बहादुरी पर प्रसन्न होकर गुरुमाता ने उन्हें चने दिए।
    • सुदामा गरीब होने के कारण चने ही खाता था।
    • इनमें से कोई एक।

    Easy
    Question 41
    CBSEENHN8000877

    नीचे लिखे काव्यांशों को पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    कछु भाभी हमको दियो, सो तुम काहे न देत।
    चाँपि पोटरी काँख में, रहे कहो केहि हेतु।।

    आगे चना गुरुमातु दए ते, लए तुम चाबि हमें नहिं दीने।
    स्याम कह्यो मुसकाय सुदामा सों, “चोरी की बान में ही जू प्रवीने।।
    पोटरि काँख में चाँपि रहे तुम, खोलत नाहिं सुधा रस भीने।
    पाछिलि बानि अजाै न तजो तुम, तैसई भाभी के तंदुल कीन्हे।।”

    ‘तुम चोरी की आदत में कुशल हो’-ऐसा कृष्ण ने क्यों कहा?

    • क्योंकि सुदामा ने कृष्ण के हिस्से के भी चने खा डाले थे।
    • क्योंकि सुदामा कृष्ण की वस्तुओं की चोरी करता था।
    • एक बार सुदामा चोरी करके जेल में भी रहा।
    • वे बचपन की बातों में खोना चाहते थे।

    Easy