चिट्ठियों की अनूठी दुनिया

Question
CBSEENHN8000640

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
महात्मा गांधी के पास दुनिया भर से तमाम पत्र केवल महात्मा गांधी-इंडिया लिखे आते थे और वे जहाँ भी रहते थे वहाँ तक पहुँच जाते थे। आज़ादी के आदोलन की कई अन्य दिग्गज हस्तियों के साथ भी ऐसा ही था। गांधीजी के पास देश-दुनिया से बड़ी संख्या में पत्र पहुँचते थे पर पत्रों का जवाब देने के मामले में उनका कोई जोड़ नहीं था। कहा जाता है कि जैसे ही उन्हें पत्र मिलता था, उसी समय वे उसका जवाब भी लिख देते थे। अपने हाथों से ही ज्यादातर पत्रों का जवाव देते थे। जब लिखते-लिखते उनका दाहिना हाथ दर्द करने लगता था तो वे बाएँ हाथ से लिखने में जुट जाते थे। महात्मा गांधी ही नहीं आदोलन के तमाम नायकों के पत्र गाँव-गाँव में मिल जाते है। पत्र भेजनेवाले लोग उन पत्रों को किसी प्रशस्तिपत्र से कम नहीं मानते हैं। 

लोग गाँधीजी के पत्रों को फ्रेम करवाकर क्यों रखते थे?


  • क्योंकि वे चाहते थे कि पत्र कभी खराब न हो।
  • एक यादगार के रूप में
  • क्योंकि वे उन्हें अमूल्य मानते थे।
  • दुसरे लोगों को दिखाने के लिए।

Solution

C.

क्योंकि वे उन्हें अमूल्य मानते थे।

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