दीवानों की हस्ती

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Question
CBSEENHN8000588

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
किस ओर चले? यह मत पूछो,
चलना है, बस इसलिए चले,
जग से उसका कुछ लिए चले,
जग को अपना कुछ दिए चले,

दो बात कही. दो बात सुनी;
कुछ हँसे और फिर कुछ रोए।
छककर सुख-दुख के घूँटों को
हम एक भाव सै पिए चले।

वे संसार से कैसा सबंध रखते हैं?
  • समान भाव का
  • मैत्री भाव का
  • ईर्ष्या भाव का
  • भावुकता से भरा

Solution

A.

समान भाव का

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Some More Questions From दीवानों की हस्ती Chapter

एक भाव में रहकर सुख और दुख दोनों पीने का भावार्थ क्या है, कविता की पंक्तियों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उन्होंने संसार को भिखमंगा क्यों कहा है?

वे हृदय पर असफलता की कैसी निशानी रखते हैं?

इस कविता से हमें क्या संदेश मिलता है?

दीवानों की हस्ती कविता किन्हें आधार बनाकर लिखी गई है?

‘दीवाने’ एक स्थान पर टिक कर क्यों नहीं रहते?

‘दीवानों’ का संसार के लोगों से कैसा संबंध है?

वीरों ने संसार के लोगों को भीखमंगा क्यों कहा है?

वीरों के हृदय पर असफलता की कैसी निशानी है?

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
हम दीवानों की क्या हस्ती,
हैं आज यहाँ, कल वहाँ चलें,
मस्ती का आलम साथ चला,
हम धूल उड़ाते जहाँ चले।
आए बनकर उल्लास अभी,
आँसू बनकर बह चल अभी,
सब कहते ही रह गए. अरे,
तुम कैसे आए, कहाँ चले?

दीवाने शब्द किनके लिए प्रयुक्त किया गया है?