कबीर की साखियाँ

Question
CBSEENHN8000778

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
माला तो कर में फिरै, जीभि फिरै मुख माँहि।
मनुवाँ तो दहुँ दिसि फिरै, यह तौ सुमिरन नाहिं।।

जीभ निरतंर किसका नाम लेती है?
  • प्रियतम का
  • राम का
  • मित्रों का
  • देवी-देवताओं का

Solution

B.

राम का

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बोलचाल की क्षेत्रीय विशेषताओं के कारण शब्दों के उच्चारण में परिवर्तन होता है जैसे वाणी शब्द बानी बन जाता है। मन से मनवा, मनुवा आदि हो जाता है। उच्चारण के परिवर्तन से वर्तनी भी बदल जाती हैं। नीचे कुछ शब्द दिए जा रहे हैं उनका वह रूप लिखिए जिससे आपका परिचय हो।
ग्यान, जीभि, पाऊँ. तलि, आँखि, बरी।

साधु की जाति क्यों नहीं पूछनी चाहिए?

क्या हमें पलटकर किसी को गाली देनी चाहिए? यदि नहीं तो क्यों?

कबीर ने अपनी साखी में भक्ति के मार्ग पर पाखंडों का विरोध क्यों और कैसे किया है?

कबीर के अनुसार समाज में कभी किसी को कमजोर क्यों नहीं समझना चाहिए?

कबीर की साखियाँ क्या संदेश देती हैं?

‘साखियाँ’ शब्द क्या अर्थ देता है?

साधु की जाति न पूछने की सलाह कबीर ने क्यों दी है?

किसी को अपशब्द क्यों नहीं कहने चाहिए?

ईश्वर की भक्ति हेतु कवि ने मन के बारे में क्या कहा है?