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NCERT Solutions for Class 8 Hindi Vasant Bhag 3 Chapter 13 जहाँ पहिया है
  • NCERT Solution For Class 8 Hindi Vasant Bhag 3

    जहाँ पहिया है Here is the CBSE Hindi Chapter 13 for Class 8 students. Summary and detailed explanation of the lesson, including the definitions of difficult words. All of the exercises and questions and answers from the lesson's back end have been completed. NCERT Solutions for Class 8 Hindi जहाँ पहिया है Chapter 13 NCERT Solutions for Class 8 Hindi जहाँ पहिया है Chapter 13 The following is a summary in Hindi and English for the academic year 2024-25. You can save these solutions to your computer or use the Class 8 Hindi.

    Question 1
    CBSEENHN8000894

    '... उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते हैं ...”
    आपके विचार से लेखक ‘जंजीरों’ द्वारा किन समस्याओं की ओर इशारा कर रहा है?

    Solution
    तमिलनाडु के जिला पुड़ुकोट्टई में महिलाओं में अधिक जागृति न थी। वे रूढ़िवादिता. पिछड़ेपन व बधनों से परिपूर्ण जीवन बिता रही थीं। इन्हीं बंधनों को लेखक न जंजीरें माना है।
    Question 29
    CBSEENHN8000922

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    साइकिल चलाना एक सामाजिक आंदोलन है? कुछ अजीब-सी बात है - है न! लेकिन चौंकने की बात नहीं है। पुडुकोट्टई ज़िले की हजारों नवसाक्षर ग्रामीण महिलाओं के लिए यह अब आम बात है। अपने पिछड़ेपन पर लात मारने, अपना विरोध व्यक्त करने और उन ज़ंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते हैं। कभी-कभी ये तरीके अजीबो-गरीब होते हैं। 

    साइकिल चलाना ‘सामाजिक आंदोलन’ क्यों बन गया?
    • समाज ने स्त्रियों को साइकिल चलाने की अनुमति दी।
    • सभी क्षेत्रों की स्त्रियां साइकिल चलाने की आेर अग्रसर हुई।
    • सभी क्षेत्रों को सरकार की ओर से साइकिल दी गई।
    • इनमें से कोई नहीं।

    Easy
    Question 31
    CBSEENHN8000924

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    साइकिल चलाना एक सामाजिक आंदोलन है? कुछ अजीब-सी बात है - है न! लेकिन चौंकने की बात नहीं है। पुडुकोट्टई ज़िले की हजारों नवसाक्षर ग्रामीण महिलाओं के लिए यह अब आम बात है। अपने पिछड़ेपन पर लात मारने, अपना विरोध व्यक्त करने और उन ज़ंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते हैं। कभी-कभी ये तरीके अजीबो-गरीब होते हैं। 

    साइकिल चलाने ने यहाँ की महिलाओं को कैसे प्रभावित किया?
    • अब समाज में उनका प्रभुत्व पुरुषों से बढ़ गया।
    • अब वे अपने सभी कार्य स्वयं करने लगीं।
    • महिलाओं को ऐसा लगा कि वे अपने पिछड़ेपन की जंजीरें तोड़कर स्वच्छंदता की ओर बढ रही हैं।
    • वे पुरुषों से आगे निकल गई।

    Easy
    Question 33
    CBSEENHN8000926

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    भारत के सर्वाधिक गरीब ज़िलों में से एक है पुडुकोट्टई। पिछले दिनों यहाँ की ग्रामीण महिलाओं ने अपनी स्वाधीनता, आजा़दी और गतिशीलता को अभिव्यक्त करने के लिए प्रतीक के रूप में साइकिल को चुना है। उनमें से अधिकांश नवसाक्षर थीं। अगर हम दस वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को अलग कर दें तो इसका अर्थ यह होगा कि यहाँ ग्रामीण महिलाओं के एक-चौथाई हिस्से ने साइकिल चलाना सीख लिया है और इन महिलाओं में से सत्तर हज़ार से भी अधिक महिलाओं ने ‘प्रदर्शन एव प्रतियोगिता’ जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में बडे गर्व के साथ अपने नए कौशल का प्रदर्शन किया और अभी भी उनमें साइकिल चलाने की इच्छा जारी है। वहाँ इसके लिए कई ‘प्रशिक्षण शिविर’ चल रहे हैं।

    पुडुकोट्टई जिला किस प्रदेश में है?

    • केरल
    • आंध्रप्रदेश 
    • तमिलनाड़ु
    • कर्नाटक

    Easy
    Question 34
    CBSEENHN8000927

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    भारत के सर्वाधिक गरीब ज़िलों में से एक है पुडुकोट्टई। पिछले दिनों यहाँ की ग्रामीण महिलाओं ने अपनी स्वाधीनता, आजा़दी और गतिशीलता को अभिव्यक्त करने के लिए प्रतीक के रूप में साइकिल को चुना है। उनमें से अधिकांश नवसाक्षर थीं। अगर हम दस वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को अलग कर दें तो इसका अर्थ यह होगा कि यहाँ ग्रामीण महिलाओं के एक-चौथाई हिस्से ने साइकिल चलाना सीख लिया है और इन महिलाओं में से सत्तर हज़ार से भी अधिक महिलाओं ने ‘प्रदर्शन एव प्रतियोगिता’ जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में बडे गर्व के साथ अपने नए कौशल का प्रदर्शन किया और अभी भी उनमें साइकिल चलाने की इच्छा जारी है। वहाँ इसके लिए कई ‘प्रशिक्षण शिविर’ चल रहे हैं।

    ग्रामीण महिलाओं ने साईकल चलाने को क्यों चुना?


    • पैदल न चलने के कारण
    • पुरुषों से होड़ लेने हेतु
    • स्वाधीनता, आज़ादी और गतिशीलता को अभिव्यक्त करने हेतु
    • निरंतर गतिशील रहने हेतु।

    Easy
    Question 35
    CBSEENHN8000928

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    भारत के सर्वाधिक गरीब ज़िलों में से एक है पुडुकोट्टई। पिछले दिनों यहाँ की ग्रामीण महिलाओं ने अपनी स्वाधीनता, आजा़दी और गतिशीलता को अभिव्यक्त करने के लिए प्रतीक के रूप में साइकिल को चुना है। उनमें से अधिकांश नवसाक्षर थीं। अगर हम दस वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को अलग कर दें तो इसका अर्थ यह होगा कि यहाँ ग्रामीण महिलाओं के एक-चौथाई हिस्से ने साइकिल चलाना सीख लिया है और इन महिलाओं में से सत्तर हज़ार से भी अधिक महिलाओं ने ‘प्रदर्शन एव प्रतियोगिता’ जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में बडे गर्व के साथ अपने नए कौशल का प्रदर्शन किया और अभी भी उनमें साइकिल चलाने की इच्छा जारी है। वहाँ इसके लिए कई ‘प्रशिक्षण शिविर’ चल रहे हैं।

    साइकिल चलाना सीखने ही कैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ?

    • अधिक से अधिक साइकिल चलाने की होड़ 
    • प्रदर्शन एवं प्रतियौगिता
    • साइकिल चलाने मे पुरुषों से बराबरी
    • स्त्रियों में साइकिल चलाने की क्षमता (प्रति- घंटा)

    Easy
    Question 36
    CBSEENHN8000929

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    भारत के सर्वाधिक गरीब ज़िलों में से एक है पुडुकोट्टई। पिछले दिनों यहाँ की ग्रामीण महिलाओं ने अपनी स्वाधीनता, आजा़दी और गतिशीलता को अभिव्यक्त करने के लिए प्रतीक के रूप में साइकिल को चुना है। उनमें से अधिकांश नवसाक्षर थीं। अगर हम दस वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को अलग कर दें तो इसका अर्थ यह होगा कि यहाँ ग्रामीण महिलाओं के एक-चौथाई हिस्से ने साइकिल चलाना सीख लिया है और इन महिलाओं में से सत्तर हज़ार से भी अधिक महिलाओं ने ‘प्रदर्शन एव प्रतियोगिता’ जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में बडे गर्व के साथ अपने नए कौशल का प्रदर्शन किया और अभी भी उनमें साइकिल चलाने की इच्छा जारी है। वहाँ इसके लिए कई ‘प्रशिक्षण शिविर’ चल रहे हैं।

    ‘प्रशिक्षण शिविर’ से आप क्या समझते हैं?

    • साइकिल चलाना सिखाने हेतु लगाए गए कैंप
    • साइकिल बनाने हेतु लगाए गए कैंप
    • साइकिल की मरम्मत करना सिखने हेतु लगाए गए कैंप
    • इनमें से कोई नहीं

    Easy
    Question 37
    CBSEENHN8000930

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    भारत के सर्वाधिक गरीब ज़िलों में से एक है पुडुकोट्टई। पिछले दिनों यहाँ की ग्रामीण महिलाओं ने अपनी स्वाधीनता, आजा़दी और गतिशीलता को अभिव्यक्त करने के लिए प्रतीक के रूप में साइकिल को चुना है। उनमें से अधिकांश नवसाक्षर थीं। अगर हम दस वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को अलग कर दें तो इसका अर्थ यह होगा कि यहाँ ग्रामीण महिलाओं के एक-चौथाई हिस्से ने साइकिल चलाना सीख लिया है और इन महिलाओं में से सत्तर हज़ार से भी अधिक महिलाओं ने ‘प्रदर्शन एव प्रतियोगिता’ जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में बडे गर्व के साथ अपने नए कौशल का प्रदर्शन किया और अभी भी उनमें साइकिल चलाने की इच्छा जारी है। वहाँ इसके लिए कई ‘प्रशिक्षण शिविर’ चल रहे हैं।

    प्रशिक्षण शिविर क्यों चलाए गए?
    • महिलाओं को प्रोत्साहित करने हेतु
    • साइकिल खरीदने के लिए ऋण देने हेतु
    • महिलाओं द्वारा साइकिल चलाना सीखने के सामाजिक आंदोलन को सफल बनाने हेतु
    • महिलाओं की शक्ति परखने हेतु।

    Easy
    Question 38
    CBSEENHN8000931

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    ज़िले में साइकिल की धूम मची हुई है। इसकी प्रशंसकों में हैं महिला खेतिहर मज़दूर, पत्थर खदानों में मज़दूरी करनेवाली औरतें और गाँवों में काम करनेवाली नर्सें। बालवाड़ी और आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, बेशकीमती पत्थरों को तराशने में लगी औरतें और स्कूल की अध्यापिकाएँ भी साइकिल का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं। ग्राम सेविकाएँ और दोपहर का भोजन पहुँचानेवाली औरतें भी पीछे नहीं हैं। सबसे बड़ी संख्या उन लोगों की है जौ अभी नवसाक्षर हुई हैं। जिस किसी नवसाक्षर अथवा नयी-नयी साइकिल चलानेवाली महिला से मैंने बातचीत की, उसने साइकिल चलाने और अपनी व्यक्तिगत आजा़दी के बीच एक सीधा संबंध बताया।

    पूरे जिले में क्या धूम मची थी?
    • पुरुषों से आगे निकलने की धूम
    • साइकिलें धड़ाधड़ बिकने की धूम
    • महिलाओं द्वारा साइकिल चलाना सीखने की धूम 
    • महिलाओं को हर प्रकार की स्वच्छंदता मिलने की धूम

    Easy
    Question 39
    CBSEENHN8000932

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    ज़िले में साइकिल की धूम मची हुई है। इसकी प्रशंसकों में हैं महिला खेतिहर मज़दूर, पत्थर खदानों में मज़दूरी करनेवाली औरतें और गाँवों में काम करनेवाली नर्सें। बालवाड़ी और आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, बेशकीमती पत्थरों को तराशने में लगी औरतें और स्कूल की अध्यापिकाएँ भी साइकिल का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं। ग्राम सेविकाएँ और दोपहर का भोजन पहुँचानेवाली औरतें भी पीछे नहीं हैं। सबसे बड़ी संख्या उन लोगों की है जौ अभी नवसाक्षर हुई हैं। जिस किसी नवसाक्षर अथवा नयी-नयी साइकिल चलानेवाली महिला से मैंने बातचीत की, उसने साइकिल चलाने और अपनी व्यक्तिगत आजा़दी के बीच एक सीधा संबंध बताया।

    साइकिल चलाने में कौन-कौन सी महिलाएँ आगे आई?
    • केवल ग्रामीण महिलाएँ
    • केवल स्कूल की अध्यापिकाएँ
    • केवल पत्थरों को तराशने वाली महिलाएँ
    • सभी क्षेत्रों की महिलाएँ

    Easy
    Question 40
    CBSEENHN8000933

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    ज़िले में साइकिल की धूम मची हुई है। इसकी प्रशंसकों में हैं महिला खेतिहर मज़दूर, पत्थर खदानों में मज़दूरी करनेवाली औरतें और गाँवों में काम करनेवाली नर्सें। बालवाड़ी और आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, बेशकीमती पत्थरों को तराशने में लगी औरतें और स्कूल की अध्यापिकाएँ भी साइकिल का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं। ग्राम सेविकाएँ और दोपहर का भोजन पहुँचानेवाली औरतें भी पीछे नहीं हैं। सबसे बड़ी संख्या उन लोगों की है जौ अभी नवसाक्षर हुई हैं। जिस किसी नवसाक्षर अथवा नयी-नयी साइकिल चलानेवाली महिला से मैंने बातचीत की, उसने साइकिल चलाने और अपनी व्यक्तिगत आजा़दी के बीच एक सीधा संबंध बताया।

    ‘नवसाक्षर’ शब्द से क्या तात्पर्य है।
    • नया सीखने वाला
    • कुछ विशेष सीखने वाला
    • सीखकर होड़ लगाने वाला 
    • प्रतियोगिताओें में भाग लेना

    Easy
    Question 41
    CBSEENHN8000934

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    ज़िले में साइकिल की धूम मची हुई है। इसकी प्रशंसकों में हैं महिला खेतिहर मज़दूर, पत्थर खदानों में मज़दूरी करनेवाली औरतें और गाँवों में काम करनेवाली नर्सें। बालवाड़ी और आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, बेशकीमती पत्थरों को तराशने में लगी औरतें और स्कूल की अध्यापिकाएँ भी साइकिल का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं। ग्राम सेविकाएँ और दोपहर का भोजन पहुँचानेवाली औरतें भी पीछे नहीं हैं। सबसे बड़ी संख्या उन लोगों की है जौ अभी नवसाक्षर हुई हैं। जिस किसी नवसाक्षर अथवा नयी-नयी साइकिल चलानेवाली महिला से मैंने बातचीत की, उसने साइकिल चलाने और अपनी व्यक्तिगत आजा़दी के बीच एक सीधा संबंध बताया।

    ‘साइकिल चलाना’ किस बात का प्रतीक बन गया?
     
    • पुरुषों की गुलामी का प्रतीक
    • स्त्रियों की स्वाधीनता का प्रतीक
    • व्यक्तित्व प्रमुख का प्रतीक
    • मान-मर्याद का प्रतीक

    Easy
    Question 42
    CBSEENHN8000935

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    ज़िले में साइकिल की धूम मची हुई है। इसकी प्रशंसकों में हैं महिला खेतिहर मज़दूर, पत्थर खदानों में मज़दूरी करनेवाली औरतें और गाँवों में काम करनेवाली नर्सें। बालवाड़ी और आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, बेशकीमती पत्थरों को तराशने में लगी औरतें और स्कूल की अध्यापिकाएँ भी साइकिल का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं। ग्राम सेविकाएँ और दोपहर का भोजन पहुँचानेवाली औरतें भी पीछे नहीं हैं। सबसे बड़ी संख्या उन लोगों की है जौ अभी नवसाक्षर हुई हैं। जिस किसी नवसाक्षर अथवा नयी-नयी साइकिल चलानेवाली महिला से मैंने बातचीत की, उसने साइकिल चलाने और अपनी व्यक्तिगत आजा़दी के बीच एक सीधा संबंध बताया।

    साइकिल चलाने ने महिलाओं के मन में किम भावना को जागृत किया?
    • अपनी मनमानी करने की
    • व्यक्तिगत आजा़दी की
    • आकाश की ऊंचाइयों को पाने की
    • आत्मनिर्भरता की

    Easy
    Question 48
    CBSEENHN8000941

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    साइकिल प्रशिक्षण से महिलाओं के अंदर आत्मसम्मान की भावना पैदा हुई है यह बहुत महत्वपूर्ण है। फातिमा का कहना है-”बेशक, यह मामला केवल आर्थिक नहीं है।” फातिमा ने यह बात इस तरह कही जिससे मुझे लगा कि मैं कितनी मूर्खतापूर्ण ढंग से सोच रहा था। उसने आगे कहा-”साइकिल चलाने से मेरी कौन सी कमाई होती है। मैं तो पैसे ही गँवाती हूँ। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं साइकिल खरीद सकूँ। लेकिन हर शाम मैं किराए पर साइकिल लेती हूँ ताकि मैं आज़ादी और खुशहाली का अनुभव कर सकूँ।” पुडुकोट्टई पहुँचने से पहले मैंने इस विनम्र सवारी के बारे में कभी इस तरह सोचा ही नहीं था। मैंने कभी साइकिल को आज़ादी का प्रतीक नहीं समझता था। 

    साइकिल प्रशिक्षण से महिलाओं में क्या बदलाव आया?

    • आत्मनिर्भरता बढ गई।
    • आत्मसम्मान की भावना जागी।
    • वे स्वयं को स्वच्छंद समझने लगी।
    • दिए गए सभी।

    Easy
    Question 49
    CBSEENHN8000942

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    साइकिल प्रशिक्षण से महिलाओं के अंदर आत्मसम्मान की भावना पैदा हुई है यह बहुत महत्वपूर्ण है। फातिमा का कहना है-”बेशक, यह मामला केवल आर्थिक नहीं है।” फातिमा ने यह बात इस तरह कही जिससे मुझे लगा कि मैं कितनी मूर्खतापूर्ण ढंग से सोच रहा था। उसने आगे कहा-”साइकिल चलाने से मेरी कौन सी कमाई होती है। मैं तो पैसे ही गँवाती हूँ। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं साइकिल खरीद सकूँ। लेकिन हर शाम मैं किराए पर साइकिल लेती हूँ ताकि मैं आज़ादी और खुशहाली का अनुभव कर सकूँ।” पुडुकोट्टई पहुँचने से पहले मैंने इस विनम्र सवारी के बारे में कभी इस तरह सोचा ही नहीं था। मैंने कभी साइकिल को आज़ादी का प्रतीक नहीं समझता था। 

    महिलाओं के साइकिल चलाने के बारे मैं लेखक की क्या सोच थी?
    • आर्थिक दृष्टि से सुदृढ़ व आत्मनिर्भर होना।
    • पुरुषों से अलग रहने में भी संकोच न करना।
    • प्रभुत्व जमाना
    • इनमे से कोई नहीं।

    Easy
    Question 50
    CBSEENHN8000943

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    साइकिल प्रशिक्षण से महिलाओं के अंदर आत्मसम्मान की भावना पैदा हुई है यह बहुत महत्वपूर्ण है। फातिमा का कहना है-”बेशक, यह मामला केवल आर्थिक नहीं है।” फातिमा ने यह बात इस तरह कही जिससे मुझे लगा कि मैं कितनी मूर्खतापूर्ण ढंग से सोच रहा था। उसने आगे कहा-”साइकिल चलाने से मेरी कौन सी कमाई होती है। मैं तो पैसे ही गँवाती हूँ। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं साइकिल खरीद सकूँ। लेकिन हर शाम मैं किराए पर साइकिल लेती हूँ ताकि मैं आज़ादी और खुशहाली का अनुभव कर सकूँ।” पुडुकोट्टई पहुँचने से पहले मैंने इस विनम्र सवारी के बारे में कभी इस तरह सोचा ही नहीं था। मैंने कभी साइकिल को आज़ादी का प्रतीक नहीं समझता था। 

    फातिमा ने लेखक को क्या कहा?
    • समाज अब स्त्री प्रधान बन जाएगा।
    • महिलाएँ साइकिल चलाने से आर्थिक संपन्नता के साथ-साथ आजादी व खुशहाली का अनुभव करती हैं।
    • वे अब निडर हो गई हैं।
    • अब वे कभी रूढ़िवादिता की जंजी़रों में नहीं बँधेंगी।

    Easy
    Question 51
    CBSEENHN8000944

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    साइकिल प्रशिक्षण से महिलाओं के अंदर आत्मसम्मान की भावना पैदा हुई है यह बहुत महत्वपूर्ण है। फातिमा का कहना है-”बेशक, यह मामला केवल आर्थिक नहीं है।” फातिमा ने यह बात इस तरह कही जिससे मुझे लगा कि मैं कितनी मूर्खतापूर्ण ढंग से सोच रहा था। उसने आगे कहा-”साइकिल चलाने से मेरी कौन सी कमाई होती है। मैं तो पैसे ही गँवाती हूँ। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं साइकिल खरीद सकूँ। लेकिन हर शाम मैं किराए पर साइकिल लेती हूँ ताकि मैं आज़ादी और खुशहाली का अनुभव कर सकूँ।” पुडुकोट्टई पहुँचने से पहले मैंने इस विनम्र सवारी के बारे में कभी इस तरह सोचा ही नहीं था। मैंने कभी साइकिल को आज़ादी का प्रतीक नहीं समझता था। 

    लेखक की सोच में क्या परिवर्तन आया?
    • अब महिलाएँ पुरुषों का मुकाबला पूरी तरह से करेंगी।
    • अब पुडुकोट्टई खूब उन्नति करेगा।
    • साइकिल चलाना केवल महिलाओं के आनंद का नहीं बल्कि आज़ादी का प्रतीक है।
    • अब इस गाँव में आर्थिक संपन्नता आ जाएगी।

    Easy
    Question 52
    CBSEENHN8000945

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    साइकिल प्रशिक्षण से महिलाओं के अंदर आत्मसम्मान की भावना पैदा हुई है यह बहुत महत्वपूर्ण है। फातिमा का कहना है-”बेशक, यह मामला केवल आर्थिक नहीं है।” फातिमा ने यह बात इस तरह कही जिससे मुझे लगा कि मैं कितनी मूर्खतापूर्ण ढंग से सोच रहा था। उसने आगे कहा-”साइकिल चलाने से मेरी कौन सी कमाई होती है। मैं तो पैसे ही गँवाती हूँ। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं साइकिल खरीद सकूँ। लेकिन हर शाम मैं किराए पर साइकिल लेती हूँ ताकि मैं आज़ादी और खुशहाली का अनुभव कर सकूँ।” पुडुकोट्टई पहुँचने से पहले मैंने इस विनम्र सवारी के बारे में कभी इस तरह सोचा ही नहीं था। मैंने कभी साइकिल को आज़ादी का प्रतीक नहीं समझता था। 

    फातिमा साइकिल कैसे चलाती थी?
    • नई खरीदकर
    • किराए पर लेकर
    • अपनी सहेलियों से माँगकर
    • धीरे-धीरे डर-डर कर

    Easy
    Question 54
    CBSEENHN8000947
    Question 55
    CBSEENHN8000948

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    एक महिला ने बताया - 'लोगों के लिए यह समझना बड़ा कठिन है कि ग्रामीण महिलाओं के लिए यह कितनी बड़ी चीज़ है। उनके लिए तो यह हवाई जहाज उड़ाने जैसी बड़ी उपलब्धि है। लोग इस पर हँस सकते हैं लेकिन केवल यहाँ की औरतें ही समझ सकती हैं कि उनके लिए यह कितना महत्वपूर्ण है। जो पुरुष इसका विरोध करते हैं, वे जाएँ और टहलें क्योंकि जब साइकिल चलाने की बात आती है, वे महिलाओं की बराबरी कर ही नहीं सकते।”

    पुरुषों के बारे में महिलाओं के क्या विचार थे?
    • वे उनसे डरेंगी नहीं।
    • वे उनसे साइकिल लेने की जिद पूरी करवाकर दम लेंगी।
    • यदि वे उनका विरोध रते हैं तो वे उनकी परवाह नहीं करेंगी।
    • पुरुष उनकी बराबरी नहीं कर सकते।

    Easy
    Question 56
    CBSEENHN8000949

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    एक महिला ने बताया - 'लोगों के लिए यह समझना बड़ा कठिन है कि ग्रामीण महिलाओं के लिए यह कितनी बड़ी चीज़ है। उनके लिए तो यह हवाई जहाज उड़ाने जैसी बड़ी उपलब्धि है। लोग इस पर हँस सकते हैं लेकिन केवल यहाँ की औरतें ही समझ सकती हैं कि उनके लिए यह कितना महत्वपूर्ण है। जो पुरुष इसका विरोध करते हैं, वे जाएँ और टहलें क्योंकि जब साइकिल चलाने की बात आती है, वे महिलाओं की बराबरी कर ही नहीं सकते।”

    महिलाओं को अपने-आप पर किस बात का गर्व है?
    • वे पुरुषों से अधिक समझदार हैं।
    • पुरुष साइकिल चलाने में उनकी बराबरी नही कर सकते।
    • अब पुरुष उन्हें बंधनों में जकड़ नहीं सकते।
    • अब वे समाज में आत्मसम्मान पा लेगी।

    Easy
    Question 57
    CBSEENHN8000950

    निम्न गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    एक महिला ने बताया - 'लोगों के लिए यह समझना बड़ा कठिन है कि ग्रामीण महिलाओं के लिए यह कितनी बड़ी चीज़ है। उनके लिए तो यह हवाई जहाज उड़ाने जैसी बड़ी उपलब्धि है। लोग इस पर हँस सकते हैं लेकिन केवल यहाँ की औरतें ही समझ सकती हैं कि उनके लिए यह कितना महत्वपूर्ण है। जो पुरुष इसका विरोध करते हैं, वे जाएँ और टहलें क्योंकि जब साइकिल चलाने की बात आती है, वे महिलाओं की बराबरी कर ही नहीं सकते।”

    महिलाओं ने क्या ठान लिया?
    • अब पुरुषों के दबाव में नहीं आएगी।
    • अपने लक्ष्य को पाकर रहेगी।
    • अब साइकिल चलाना सीखकर अपनी स्वच्छंदता को प्रदर्शित करेगी।
    • दिए गए सभी।

    Easy