वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

  • Question 5
    CBSEHHISSH10018441

    विकसित देश, विकासशील देशों से उनके व्यापार और निवेश का उदारीकरण क्यों चाहते हैं? क्या आप मानते हैं कि विकासशील देशों को भी बदले में ऐसी माँग करनी चाहिए?

    Solution

    विकसित देशों चाहते हैं कि विकासशील देशों को अपने व्यापार और निवेश को उदार बनाना चाहिए क्योंकि सामान को आयात किया जा सकता है और आसानी से निर्यात किया जा सकता है और विदेशी कम्पनियाँ उनके देश में कारखानों और कार्यालय स्थापित कर सकते हैं।

    विकासशील देशों को अपने श्रम के मुक्त और निष्पक्ष प्रवाह और विकसित देशों के कृषि क्षेत्र में सब्सिडी में कमी की मांग करनी चाहिए।

    Question 6
    CBSEHHISSH10018442

    ‘वैश्वीकरण का प्रभाव एक समान नहीं है’। इस कथन की अपने शब्दों में व्याख्या कीजिए।

    Solution

    (i) वैश्वीकरण और उत्पादकों - स्थानीय एवं विदेशी दोनों, के बीच बेहतर प्रतिस्पर्धा से उपभोक्ताओं, विशेषकर शहरी क्षेत्र में धनी वर्ग के उपभोक्ताओं को लाभ हुआ हैं। इन उपभोक्ताओं के समक्ष पहले से अधिक विकल्प हैं और वे अब अनेक उत्पादों की उत्कृष्ट गुणवत्ता और काम कीमत से लाभान्वित्त हो रहे हैं। परिणामत: ये लोग पहले की तुलना में आज अपेक्षाकृत उच्चतर जीवन स्तर का आनंद ले रहे हैं।  
    (ii) विदेशी निवेश आकर्षित करने हेतु सरकार ने श्रम-कानूनों में लचीलापन लाने में अनुमति दे दी है। अब नियमित आधार पर श्रमिकों को रोज़गार देने के बजाए कंपनियों में जब काम का अधिक दवाब  होता है, तो लोचदार ढंग से छोटी अवधि के लिए श्रमिकों को कार्य पर रखती हैं। कंपनी की श्रम लागत में कटौती करने के लिए ऐसा किया जाता हैं ।  

    Question 7
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    व्यापार और निवेश नीतियों का उदारीकरण वैश्वीकरण प्रक्रिया में कैसे सहायता पहुँचाती है?

    Solution

     

    व्यापार और निवेश नीतियों का उदारीकरण:

    (i) विकसित देशों की बड़ी बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ छोटे उत्पादकों को उत्पादन का ऑर्डर देती हैं । वस्त्र, जूते-चप्पल एवं खेल के सामान ऐसे उद्योग हैं, जहाँ विश्वभर में बड़ी संख्या में उत्पादन किया जाता हैं ।

    (ii) बहुराष्ट्रीय कंपनियों को इन उत्पादों की आपूर्ति की जाती है। फिर इन्हें अपने ब्राण्ड नाम से ग्राहकों को बेचती हैं। इन बड़ी कंपनियों में दूरस्थ उत्पादकों के मूल्य, गुणवत्ता, आपूर्ति और शर्म-शर्तों का निर्धारण करने की प्रचण्ड क्षमता होती हैं।
    (iii) बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश का सबसे आम रास्ता स्थानीय कंपनियों को खरदीना और उसके बाद उत्पादन का प्रसार करना है। संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिम के अन्य विकसित देशों ने उनके लिए पूर्ण समर्थन का विस्तार किया है।

    Question 8
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    विदेश व्यापार विभिन्न्न देशों के बाजारों के एकीकरण में किस प्रकार मदद करता है? यहाँ दिए गए उदाहरण से भिन्न उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।

    Solution

    देशों में बाजारों का एकीकरण:

    (i) विदेश व्यापर घरेलु बाज़ारों अर्थात् अपने देश के बाज़ारों से बाहर के बाज़ारों में पहुँचने के लिए उत्पादकों को एक अवसर प्रदान करता हैं।

    (ii) उत्पादक केवल अपने देश के बाज़ारों में ही अपने उत्पाद नहीं बेच सकते हैं, बल्कि विश्व के अन्य देशों के बाज़ारों में भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
    (iii) सामान्यत: व्यापार के खुलने से वस्तुओं का एक बाज़ार से दूसरे बाज़ार में आवागमन होता है। बाज़ार में वस्तुओं के विकल्प बढ़ जाते हैं। दो बाज़ारो में एक ही वस्तु का मूल्य एक सामान होने लगता है। अब दो देशों के उत्पादक एक दूसरे से हज़ारों मील दूर होकर भी एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

    (iv) उदाहरण के लिए, दीवाली के मौसम के दौरान, भारत के खरीदारों में भारतीय और चीनी सजावटी रोशनी और बल्ब के बीच चयन करने का विकल्प होता है। कई दुकानों ने भारतीय सजावटी रोशनी को चीनी रोशनी में बदल दिया है। चीनी प्रकाश निर्माताओं के लिए, यह अपने व्यापार का विस्तार करने का एक अवसर प्रदान करता है।

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