विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव

  • Question 13
    CBSEHHISCH10015293

    विद्युत् मोटर में विभक्त विलय की क्या भूमिका है?

    Solution
    विद्युत् मोटर में विभक्त वलय दिक्परिवर्तक का कार्य करता है जो परिपथ में विद्युत् धारा के प्रवाह को उत्क्रमित करती है। जब विद्युत् धारा के प्रवाह की दिशा उत्क्रमित होती है तो दोनों भुजाओं पर आरोपित बालों की दिशा भी उत्क्रमित हो जाती है। इस प्रकार कुंडली की पहली भुजा AB जो नीचे की ओर धकेली गयी थी अब ऊपर की ओर धकेली जाती है और कुंडली की दूसरी भुजा CD जो पहले ऊपर की ओर धकेली गयी थी अब  नीचे की ओर धकेली जाती है। इस प्रकार कुंडली व धुरी उसी दिशा में अब आधा घूर्णन पूरा कर लेती हैं। प्रत्येक आधे घूर्णन के पश्च्यात विद्युत् धारा के उत्क्रमित होने का क्रम दोहराता है जिससे कुंडली और धुरी का लगातार घूर्णन होता रहता है।  

    Question 14
    CBSEHHISCH10015294

    किसी कुंडली में विद्युत् धारा प्रेरित करने के विभिन्न ढंग स्पष्ट कीजिये। 

    Solution

    किसी कुंडली में विद्युत् धारा प्रेरित करने के विभिन्न ढंग निम्नलिखित हैं-
    i) दूसरी कुंडली में चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं में परिवर्तन करके।
    ii)चुम्बक को कुंडली के भीतर या बहार गति करके।
    iii) कुंडली में प्रवाहित विद्युत् धारा में परिवर्तन करके। 
    iv) कुंडली को चुम्बकीय क्षेत्र में घुमाने से। 

    Question 15
    CBSEHHISCH10015295

    विद्युत् जनित्र का सिद्धांत लिखिए।

    Solution
    विद्युत् जनित्र विद्युतचुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत पर आधारित है। जब किसी कुंडली को उसके अक्ष पर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं के लम्बवत घुमाया जाता है तो कुंडली से गुज़रने वाली चुम्बकीय रेखाओं में परिवर्तन होता है और विभान्तर प्रेरित होता है, जिसके कारण कुंडली में प्रेरित धारा उत्पन्न हो जाती है।.
    Question 16
    CBSEHHISCH10015296

    दिष्ट धारा के कुछ स्त्रोतों के नाम लिखिए।

    Solution
    शुष्क सेल, बटन सेल, लैड बैटरियां, कार डाइनेमो, साईकिल डाइनेमो आदि। 

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