विदुयत

  • Question 17
    CBSEHHISCH10015252

    2 Ω, 3 Ω तथा 6 Ω तीन प्रतिरोधकों  को को किस प्रकार संयोजित करें कि योजन का कुल प्रतिरोध (a) 4 Ω, (b) 1 Ω?

    Solution

    a) कुल प्रतिरोध 4Ω के लिए उपरोक्त 3Ω प्रतिरोधों को इस प्रकार जोड़ना चाहिए

    3Ω को 6Ω को पार्श्वक्रम में जोड़ने पर

     कुल प्रतिरोध open parentheses fraction numerator 3 space straight x space 6 over denominator 3 space plus 6 end fraction close parentheses space equals space 2 straight capital omega
    अब  इस  कुल प्रतिरोध को 2Ω वाले प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में लगाने पर-

    अब कुल श्रेणीक्रम है = 2Ω + 2Ω = 4Ω

     b) 1Ω का प्रतिरोध पाने के लिए 2Ω, 3Ω तथा 6Ω को पार्श्व क्रम में लगाना पड़ेगा।इससे कुल  पतिरोध होगा-

     1 over straight R subscript straight P space equals space 1 over straight R subscript 1 plus 1 over straight R subscript 2 space plus space 1 over straight R subscript 3 space equals space 1 half space plus 1 third space plus 1 over 6
1 over straight R subscript straight P space equals space fraction numerator 3 space plus 2 space plus space 1 over denominator 6 end fraction space rightwards double arrow space straight R subscript straight P space equals space 6 over 6 space equals space 1 straight capital omega
    Question 18
    CBSEHHISCH10015253

    4 Ω, 8 Ω, 12 Ω, तथा 24 Ω प्रतिरोध की चार कुंडलियों को किस प्रकार संयोजित करें कि संयोजन से (a) अधिकतम (b) न्यूनतम प्रतिरोध प्राप्त हो सके?

    Solution

    (a) यदि इन चारों प्रतिरोधों को श्रेणी क्रम में रखा जाए तो अधिकतम प्रतिरोधक प्राप्त होगा-
    R3 = 4 Ω + 8Ω +12Ω + 24Ω = 48Ω
    (b) न्यूनतम प्रतिरोध पाने के लिए उपरोक्त चारों प्रतिरोधों को  पार्श्वक्रम में रखा जाएगा
    1 over straight R subscript straight P space equals space 1 over straight R subscript 1 space plus space 1 over straight R subscript 2 space plus space 1 over straight R subscript 3 plus 1 over straight R subscript 4
space equals space 1 half space plus 1 over 8 space plus 1 over 12 space plus space 1 over 24 space equals space
fraction numerator 6 space plus space 3 space plus 2 space space plus space 1 over denominator 24 end fraction space equals space 12 over 24 space equals space 1 half
straight R subscript straight p space equals space 2 space straight capital omega

    Question 19
    CBSEHHISCH10015254

    किसी विद्युत् हीटर की डोरी क्यों उत्तप्त होती जबकि उसका तापन अवयव उत्तप्त हो जाता है?

    Solution

    विद्युत् हीटर की डोरी कॉपर के मोटे तार की बनी होती है, जिसका  प्रतिरोध उसके अवयव की उपेक्षा बहुत कम होता है। इसलिए यदि इन दोनों में से विद्युत्  धारा प्रवाहित हो तो अवयव को तापन ( H = I2RT)  डोरी  के तापन की अपेक्षा बहुत अधिक होगा, इस प्रकार अवयव अत्यधिक गर्म होकर उत्तप्त होता है परंतु डोरी उत्तप्त नहीं होती क्योंकि वह अधिक गर्म नहीं होती।

    Question 20
    CBSEHHISCH10015255

    एक  घंटे में 50 W विभवांतर से 96000 कूलॉम आवेश को स्थांनातरित करने में उत्पन्न ऊष्मा परिकलित कीजिए।

    Solution

    आवेश स्थानांतरित, Q = 96, 000 C
    समय, t = 1 घंटा = 3600 सेकंड
    विद्युत दाब, V = 50 V
    ऊष्मा उत्पन्न, H = V×Q
                                = 50 V x 96,000 C
                                = 48,00,000 J 

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