वैज्ञानिक चेतना के वाहक चनद्रशेखर वेंकट रामन - धीरंजन मालवे

  • Question 33
    CBSEENHN9000566

    रामन् पर अपने पिता के संस्कारों का क्या योगदान था?

    Solution
    रामन् के पिता गणित तथा भौतिकी के प्रोफेसर थे। उन्होंने रामन् को ये दोनों विषय गहरी रुचि से पढ़ाए थे। रामन् ने वाद्ययंत्रों से संबंधित खोज में गणित और भौतिकी दोनों का उपयोग किया। इसी प्रकार रामन् प्रभाव में भी दोनों विषयों का बराबर उपयोग था। अत: हम कह सकते हैं कि रामन् की सफलता में उनके पिता के संस्कारों का पूरा योगदान था।
    Question 34
    CBSEENHN9000567

    विज्ञान के चेतना वाहक के रूप में विविध वैज्ञानिकों की भूमिका को स्पष्ट कीजिए?

    Solution
    विज्ञान के चेतना वाहक के रूप में वे सर्वप्रथम चंद्रशेखर वेंकट रामन् का नाम लिया जा सकता है। न्यूटन, डी. होमी जहाँगीर भाभा, एडीसन ग्राहम बैल, जगदीश चन्द्र बसु जैसे वैज्ञानिकों ने आधुनिक युग को वैज्ञानिक दृष्टि प्रदान की। इनके योगदान सदैव स्मरणीय रहेंगें।
    Question 35
    CBSEENHN9000568

    रामन् की सफलता पर भारत का क्या प्रभाव हुआ?

    Solution
    रामन् की सफलता से पूरे भारत का सम्मान बढ़ा। देश के नवयुवकों में विज्ञान के प्रति रुचि जाग्रत हो गई,। स्वयं रामन् ने कितने ही वैज्ञानिकों को शोध कार्य की ओर प्रवृत्त किया। उन्होंने ‘रामन् रिसर्च इंस्टीट्‌यूट’ नाम से प्रयोगशाला बनाई। इससे सैकड़ो छात्रों को लाभ मिला। कुछ छात्रों ने अत्यंत महत्वर्पूण कार्य किये तथा ऊँचे पदों तक पहुँचे। इस प्रकार रामन् ने भारत में वैज्ञानिक चेतना का प्रसार किया।

    Delhi University

    NCERT Book Store

    NCERT Sample Papers

    Entrance Exams Preparation