वैज्ञानिक चेतना के वाहक चनद्रशेखर वेंकट रामन - धीरंजन मालवे

  • Question 21
    CBSEENHN9000554

    (ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
     सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के जीवन से प्राप्त होनेवाले संदेशों को अपने शब्दों में लिखिए 

    Solution
    सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् ने कहीं भाषण के द्वारा अपना संदेश प्रसारित नहीं किया। उन्होंने अपना जीवन जिस प्रकार को जीया है वह मौखिक संदेश अधिक प्रभावी और सार्थक है। उन्होंने वैज्ञानिक शोध में अपना जीवन समर्पित कर दिया। वे सरकारी नौरी में रहते हुए भी कलकत्ता की प्रयोगशाला में प्रयोग करते रहे। जब उन्हें भौतिकी विभाग के प्रोफेसर की नौकरी मिली तो कम वेतन और कम सुख-सुविधाओं के बावजूद भी उन्होंने वह नौकरी स्वीकार कर ली। इससे हमें यह संदेश मिलता है कि हमें धन और सुख-सुविधा का मोह त्यागकर शोध या किसी अन्य कल्याणकारी कार्य के लिए अपना जीवन अर्पित करना चाहिए। उन्होंने जिस प्रकार अनेक नवयुवकों को शोध के लिए प्रेरित किया वह भी अनुकरणीय है। उन्होंने राष्ट्रीयता एवं भारतीय संस्कारों को नहीं त्यागा। उन्होंने अपना दक्षिण भारतीय पहनावा भी नहीं छोड़ा।
    Question 22
    CBSEENHN9000555

    (ग) निन्नलिखित आशय स्पष्ट कीजिए-
    उनके लिए सरस्वती की साधना सरकारी सुख-सुविधाओं से कहीं अधिक महत्वपूर्ण थी?

    Solution
    आशय- वेंकटरामन् सच्चे सरस्वती साधक थे। वे जिज्ञासु प्रकृति के वैज्ञानिक तथा अन्वेषक थे। उन्होंने सरकारी सुख-सुविधाओं की अपेक्षा वैज्ञानिक खोजों को अधिक महत्व दिया। इसके लिए वित्त-विभाग की ऊँची नौकरी छोड़ दी। कलकत्ता विश्वविद्यालय की कम सुविधा वाली नौकरी स्वीकार कर ली। इस प्रकार वे शिक्षण पाने व देने के काम को अधिक महत्वपूर्ण मानते थे और उन्होंने यही किया।
    Question 23
    CBSEENHN9000556

    (ग) निन्नलिखित आशय स्पष्ट कीजिए-
    हमारे पास ऐसी न जाने कितनी ही चीज़ें बिखरी पड़ी हैं जो अपने पात्र की तलाश में हैं?

    Solution
    आशय-हमारे में आस-पास के वातावरण में अनेक प्रकार की वस्तुएँ बिखरी होती है। उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता है। उन बिखरी चीजों को सही ढंग से सँवारने वाले व्यक्ति की आवश्यकता होती है जो उन्हें नया रूप दे सके है। इन घटनाओं को अनुसंधान करने वाले खोजियों की तलाश रहती है।
    Question 24
    CBSEENHN9000557

    (ग) निन्नलिखित आशय स्पष्ट कीजिए-
    यह अपने आपमें एक आधुनिक हठयोग का उदाहरण था।

    Solution
    आशय-हठयोग का अर्थ है-जिद् करने वाला। वह यह नहीं देखता कि परिस्थितियाँ उसके अनुकूल है या नहीं। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी वह अपनी इच्छा शक्ति को दबने नहीं देता। अपने कार्य को पूरा करके ही रहता है। रामन् कलकत्ता में सरकारी नौकरी करने के दौरान भी बहु-बाजार में स्थिति इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस की काम चलाऊ प्रयोगशाला के काम चलाऊ उपकरणों से प्रयोग करते थे। यह अपने आप में आधुनिक हठयोग का उदाहरण है।

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