वैज्ञानिक चेतना के वाहक चनद्रशेखर वेंकट रामन - धीरंजन मालवे

  • Question 13
    CBSEENHN9000546

    (क) निम्नलिखित प्रशनों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-
    वाद्ययंत्रों पर की गई खोजों से रामन् ने कौन-सी भ्रांति तोड़ने की कोशिश की?

    Solution
    वाद्ययंत्रों पर की गई खोजों से रामन् ने यह भ्रांति तोड़ने की कोशिश की कि भारतीय वाद्ययंत्र विदेशी वाद्ययंत्रों की तुलना में घटिया है।
    Question 14
    CBSEENHN9000547

    (क) निम्नलिखित प्रशनों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-
    रामन् के लिए नौकरी सबंधी कौन-सा निर्णय कठिन था?

    Solution
    रामन् के लिए नौकरी संबंधी यह निर्णय कठिन था, जब कलकत्ता विश्वविद्यालय में प्रोफेसर का पद खाली था और आशुतोष मुखर्जी ने उनसे इस पद को स्वीकार करने का आग्रह किया। प्रोफेसर की नौकरी की अपेक्षा उनकी सरकारी नौकरी ज्यादा वेतन तथा सुविधा से भरी थी, फिर भी उन्होंने प्रोफेसर की नौकरी को स्वीकार किया क्योंकि उनके लिए सरकारी सुख-सुविधाओं से कहीं अधिक सरस्वती की साधना थी। इसलिए यह निर्णय करना सचमुच हिम्मत का काम था।
    Question 15
    CBSEENHN9000548

    (क) निम्नलिखित प्रशनों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-
    सर चंद्रशेखर वेंकटे रामन् को समय-समय पर किन-किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया?

    Solution

    सर चंद्रशेखर वेंकटेरामन को समय-समय पर अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
    1. सन् 1924 में रॉयल सोसाइटी की सदस्यता से उन्हें सम्मानित किया गया।
    2. सन् 1929 में ‘सर’ की उपाधि दी गई।
    3. सन् 1930 में नोबेल पुरस्कार को सम्मानित किया गया।
    4. सन् 1954 में ‘भारत-रत्न’ से सम्मानित किए गए।
    5. रोम का मेटयूसी पदक मिला।
    6. रायल सोसाइटी का ह्युज पदक मिला।
    7. फिलोडेल्फिया इंस्टीट्‌यूट का फ्रेकलिन पदक मिला।
    8. सोवियत रूस का अंतर्राष्ट्रीय लैनिन पुरस्कार मिला आदि।

    Question 16
    CBSEENHN9000549

    (क) निम्नलिखित प्रशनों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-
    रामन् को मिलने वाले पुरस्कारों ने भारतीय-चेतना को जाग्रत किया ऐसा क्यों कहा गया है?

    Solution
    रामन् को मिलने वाले पुरस्कारों ने भारतवर्ष को एक नया सम्मान और आत्मविश्वास दिया। उन्होंने एक नई भारतीय चेतना को जन्म दिया। उनके अंदर एक राष्ट्रीय चेतना थी। और वे देश में वैज्ञानिक दृष्टि और चिंतन के प्रति समर्पित थे। उन्हें भारतीय संस्कृति से गहरा लगाव था। अन्तर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि के बाद भी उन्होंने सैकड़ों छात्रों का मार्गदर्शन किया और देश के भावी नागरिकों को भी एक सफल वैज्ञानिक बनने की प्रेरणा दी।

    NCERT Book Store

    NCERT Sample Papers

    Entrance Exams Preparation